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Product Description
About the Products:
हम कौन हैं – हमारे पूर्वज कौन थे – हमने कब, कैसे और किसकी प्रार्थना शुरू की – पहला सनातन हिंदू कौन है – ये कुछ सहज सवाल हमारे मन में उठते रहते हैं । हाल के दिनों में गल्फ ऑफ खंभात (गुजरात) की गहराइयों में हिमयुग के समय की बत्तीस हजार साल पुरानी कुछ सभ्यता-सामग्री के ऐसे अवशेष मिले, जिससे हमें अपने प्रश्नों के जवाब मिलते दिखने लगे। विज्ञानियों-पुराविदों के नबीन शोध और खोज को केंद्र में रखकर महायुग उपन्यास-त्रयी लिखी गई है। “पहला सनातन हिंदू” तीन उपन्यासों की श्रृंखला का तीसरा उपन्यास है। उन दिनों संसार में साभ्यतिक-सांस्कृतिक विकास के साथ कई नवीन प्रयोग हुए। संसार में इन्हीं लोगों ने पहली बार पत्थरों का घर, नौका, हिमवाहन के साथ विविध आग्नेय-अस्त्रों का निर्माण किया। पहली बार ईश्वर की अवधारणा के साथ प्रार्थना शुरू हुई । पहले प्रेम के साथ संसार का पहला ग्रंथ उन्हीं दिनों लिखा गया। परिवार की अवधारणा के साथ संसार के पहले राज्य की स्थापना हुई और संसार को पहला सम्राट मिला। परग्रहियों ने होमो सेपियंस के डी.एन.ए.का पुनर्लेखन किया। कुछ विज्ञानियों और पुराविदों ने क्रोनोवाइजर सिद्धांत के आधार पर समुद्र की गहराइयों से जीरो पॉइंट फील्ड में संरक्षित ध्वनियों को संगृहीत कर उन्हें फिल्टर किया। कड़ी मेहनत के बाद उनकी भाषा को डिकोड किया गया और उसे इंडस अल्ट्राकंप्यूटर पर चित्रित किया गया। उनकी आवाजों से ही बत्तीस हजार साल पहले की पूरी कहानी सामने आई।
Language: Hindi
Page No: 200
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