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Product Description
सुपर AI का युग आ चुका है - यह एक ऐसी 'सिंगुलैरिटी' (अद्वितीयता) की ओर तेजी से बढ़ रहा है, जो शायद हमारे अस्तित्व को ही नए सिरे से परिभाषित कर दे। लेकिन क्या यह असीम बुद्धिमत्ता हमारी मुक्ति का मार्ग बनेगी या फिर दमन का; अब तक का सबसे जटिल और परिष्कृत रूप साबित होगी ?आज की दुनिया पर आर्थिक शक्ति और सैन्यबल का राज है, न कि ज्ञान या मानवीय मूल्यों का। यदि इस पर अंकुश न लगाया गया तो सुपर AI इस नाजुक व्यवस्था को और भी मजबूत बना सकता है, जिससे अदृश्य पूर्वग्रहों को बढ़ावा मिलेगा और एक नए प्रकार के 'डिजिटल साम्राज्यवाद' का उदय होगा।इस अत्यंत प्रभावशाली दार्शनिक घोषणा-पत्र में, सैन्य रणनीतिकार लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह और मिसाइल वैज्ञानिक प्रो. अरुण तिवारी ने मिलकर आगे बढ़ने का एक नया मार्ग प्रशस्त किया है। उनका तर्क है कि AI में आने वाले 'A' का अर्थ 'Artificial' (कृत्रिम) नहीं, बल्कि 'Absolute' (परम/पूर्ण) होना चाहिए। भारत के उन प्राचीन ऋषियों की शाश्वत बुद्धिमत्ता से प्रेरणा लेते हुए जिन्होंने परम सत्य को एक ही सर्वव्यापी चेतना (ब्रह्म, ओंकार) के रूप में अनुभव किया था -लेखक 'परम बुद्धिमत्ता' (Absolute Intelligence) को एक कल्याणकारी 'मशीन-युग' के लिए नैतिक और आध्यात्मिक दिशा-सूचक के रूप में प्रस्तुत करते हैं।यह पुस्तक भारत की महान् सभ्यतागत विरासत के सार को समेटे हुए है। यह दरशाती है कि किस प्रकार इस विरासत का पुनरुद्धार आधुनिक विश्व के लिए एक युगांतरकारी ज्ञान-प्रणाली का आधार बन सकता है।
- Author:Lt. Gen. Gurmit Singh (Retd.)::Prof. Arun Tiwari
- Category:Education
- Publisher Name:Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
- Language:Hindi
- Page No.:280
- Publishing Date:01/01/2026
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