Zikr e Meer - Comp.Farhat Ehsas – Rekhta

Zikr e Meer - Comp.Farhat Ehsas

Vendor: Rekhta
Availability: Out Of Stock
Regular price
$8.87
Regular price
$23.26
Sale price
$8.87
Hurry, only 0 item(s) left in stock!
Format: Hardcover
  • the desi bazaar
Format: Hardcover
Fast Delivery

Fast Delivery

Shipping Australia wide

Easy Returns

Easy Returns

Hassle-free policy

100% Authentic

100% Authentic

Genuine products

Secure Checkout

Secure Checkout

Safe & encrypted

Product Description

About The Product:

प्रस्तुत किताब 'ख़ुदा-ए-सुख़न' मीर तक़ी मीर की जीवनी है जो उनकी ३००वीं जयंती पर प्रकाशित की जा रही है। इस किताब में उनकी जीवन-यात्रा के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व के विकास और उसके आध्यात्मिक पहलुओं को भी शामिल किया गया है। "फ़रहत एहसास (फ़रहतुल्लाह ख़ाँ) बहराइच (उत्तर प्रदेश) में 25 दिसम्बर 1950 को पैदा हुए। अ’लीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में शिक्षा प्राप्ति के बा’द 1979 में दिल्ली से प्रकाशित उर्दू साप्ताहिक ‘हुजूम’ का सह-संपादन। 1987 में उर्दू दैनिक ‘क़ौमी आवाज़’ दिल्ली से जुड़े और कई वर्षों तक उस के इतवार एडीशन का संपादन किया जिस से उर्दू में रचनात्मक और वैचारिक पत्रकारिता के नए मानदंड स्थापित हुए। 1998 में जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली से जुड़े और वहाँ से प्रकाशित दो शोध-पत्रिकाओं (उर्दू, अंग्रेज़ी) के सह-संपादक के तौर पर कार्यरत रहे। इसी दौरान उन्होंने ऑल इंडिया रेडियो और बी.बी.सी. उर्दू सर्विस के लिए कार्य किया और समसामयिक विषयों पर वार्ताएँ और टिप्पणियाँ प्रसारित कीं। फ़रहत एहसास अपने वैचारिक फैलाव और अनुभवों की विशिष्टता के लिए जाने जाते हैं। उर्दू के अ’लावा, हिंदी, ब्रज, अवधी और अन्य भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी व अन्य पश्चिमी भाषाओं के साहित्य के साथ गहरी दिलचस्पी। भारतीय और पश्चिमी दर्शन से भी अंतरंग वैचारिक संबंध। सम्प्रति ‘रेख़्ता फ़ाउंडेशन’ में मुख्य संपादक के पद पर कार्यरत। "

Product Details:

  • Language: Hindi
  • No. of Pages: 145
  • Publication Date: 2023
  • Legal Disclaimer : Product color may slightly vary due to photographic lighting sources or your monitor settings.

    Customer Reviews

    Recently Viewed Products